February 24, 2026

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भाजपा साउथ में साफ़, नॉर्थ में हाफ़ – पहले चरण के मतदान ने की पुष्टि

       रायपुर। पहले चरण के मतदान के बाद भाजपा के पाँव के नीचे से ज़मीन खिसक गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 400 पार का नारा देने वाली भाजपा को पहले ही चरण में करारा झटका लगा है। मतदाताओं का रुझान और भाजपा के पोलिंग बूथों पर सन्नाटा बताता है कि भाजपा ने नफ़रत की जो फसल बोई थी, जनता ने उसे नकार दिया है। पहले चरण के मतदान के बाद भाजपा के लिए ग्राउंड से बेहद ख़राब प्रदर्शन की ख़बरें आयीं हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री के ट्वीट ने भी इस घबराहट पर मोहर लगा दी है। शुक्रवार को पहले चरण में 21 राज्यों की 102 सीटों पर मतदान हुआ और जितनी भी ग्राउंड रिपोर्ट्स अभी तक आई हैं, उनमें इंडिया गठबंधन बीजेपी से बहुत आगे है। पिछले चुनावों की तुलना में काफ़ी कम वोटिंग ने बीजेपी के ‘पन्ना प्रमुख’ वाले ‘चुनाव प्रबंधन’ की भी पोल खोल दी है। इंडिया गठबंधन और कांग्रेस ने तमिलनाडु से लेकर बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे सभी राज्यों में उम्मीद से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।

       दीपक बैज ने कहा कि जो आस पास हो रहा है, वो बदलते हुए वक़्त का प्रतीक है, जिसकी आहट पहले ही आनी शुरू हो गई थी। यही कारण है कि भाजपा समर्थक माने जाने वाले Axis-My India के प्रदीप गुप्ता को अपना वह ट्वीट डिलीट करना पड़ा जिसमें उन्होंने लिखा था कि बीजेपी 13 राज्यों में अपना जनाधार खो रही है और देश में इंडिया-एनडीए में काँटे की टक्कर होने जा रही है। बीजेपी प्रत्याशियों का खुलेआम यह कहना कि मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि कोई मोदी फैक्टर नहीं है, यह बयान उसी बात की पुष्टि करता है जो निष्पक्ष राजनीतिक जानकार लगातार कह रहे हैं।

       10 साल सत्ता में रहने के बाद नरेंद्र मोदी के पास आज भी कांग्रेस को कोसने के सिवा कहने बताने को और कुछ नहीं है, कोई ऐसा काम नहीं किया जिसको गिनाये, कोई बड़ी उपलब्धि नहीं, जिसके नाम पर वोट माँग सकें। हिंदी पट्टी राज्यों में जहां ‘अग्निवीर’ योजना को लेकर रोष नज़र आ रहा है, वहीं दलित और आदिवासी समुदायों में भाजपा सांसदों द्वारा संविधान बदलने की बात अंदर तक पहुंच गई है। इसके अलावा शहरी वोटरों में जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और इलेक्टोरल बॉन्ड घोटाले में हुए भ्रष्टाचार को लेकर खासी चर्चा है। लोग कहने लगे हैं कि “ये कुछ ज़्यादा ही हो रहा है”। ज़मीनी रिपोर्ट में सामने आया कि इन मुद्दों समेत बेरोज़गारी, महंगाई को लेकर मतदाता भाजपा से खासे नाराज़ हैं।

       नरेंद्र मोदी की रैलियों की बात करें तो ना रैलियों में तालियाँ बज रही हैं, ना इंटरव्यू से कोई बड़ी हैडलाइन निकल रही है। लाख कोशिशों के बावजूद नैरेटिव सेट नहीं कर पा रहे हैं, वही घिसी पिटी बातें, वही पुराने बयान सामने आ रहे हैं, जिनसे जनता ऊब चुकी है। कांग्रेस के घोषणापत्र की खूब चर्चा है। बेरोजगारी, महंगाई, ग़रीबी को ख़त्म करने के प्लान का लोग ज़िक्र कर रहे हैं। जनता सब समझती है, चुप रहती है और समय पड़ने पर बड़ा बदलाव करती है। उसी बड़े बदलाव की पहली आहट पहले चरण के मतदान के बाद ज़ोर-ज़ोर से गूंज रही है- साउथ में साफ़, नॉर्थ में हाफ़ – यह है बीजेपी का ग्राफ!